गणतंत्र दिवस पर निबंध

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चलिए आज हम गणतंत्र दिवस पर निबंध की सम्पूर्ण जानकारी पढ़ना शुरू करते हैं।

गणतंत्र दिवस पर निबंध

  • प्रस्तावना
  • भारतीय गणतंत्र दिवस का इतिहास
  • रंगारंग कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय पर्व – विविधता में एकता का संकेत
  • गणतंत्र दिवस का महत्व
  • निष्कर्ष

प्रस्तावना

गणतंत्र दिवस भारत के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है, इस विशेष दिन को देश भर में काफी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है।

इसे 26 जनवरी 1950 के दिन कार्यान्वित हुए भारतीय संविधान के उपलक्ष्य में, हर वर्ष इसी दिन मनाया जाता है।

भारतीय गणतंत्र दिवस सभी भारतीयों के लिए बहुत ही खास अवसर है, यह दिन हमें अपने देश में स्थापित गणतंत्र और संविधान का महत्व समझाता है क्योंकि हमारे देश के स्वतंत्रता में संघर्ष के साथ ही हमारे देश के संविधान का भी एक बहुत बड़ा योगदान है और यह वह दिन है, जो हमें हमारे देश के गणतंत्र के महत्व और इसके इतिहास से परिचित कराता है।

भारतीय गणतंत्र दिवस का इतिहास

भारतीय गणतंत्र दिवस का इतिहास काफी रोचक है, इसकी शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई थी।

जब हमारे देश में ‘भारत सरकार अधिनियम’ को हटाकर भारत के संविधान को लागू किया, तब से इसी के उपलक्ष्य में हमारे देश के संविधान और गणतंत्र को सम्मान प्रदान करने के लिए हर वर्ष 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम मनाया जाता है।

इस दिन से जुड़ा एक और भी इतिहास है और इसकी शुरुआत 26 जनवरी 1930 को हुई थी क्योंकि यह वह ऐतहासिक दिन था, जब कांग्रेस ने पहली बार पूर्ण स्वराज की मांग रखी थी।

इसकी शुरुआत तब हुई, जब सन् 1929 में लाहौर में पंडित जवाहर लाल नेहरु के अध्यक्षता में हुए काग्रेंस अधिवेशन के दौरान यह प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि 26 जनवरी 1930 तक अंग्रेजी सरकार भारत को ‘डोमीनियन स्टेटस’ नही प्रदान करती तो भारत अपने आप को पूर्णतः स्वतंत्र घोषित कर देगा।

इसके बाद जब 26 जनवरी 1930 तक अंग्रेजी हुकूमत ने कांग्रेस के इस मांग का कोई जवाब नही दिया। तो उस दिन से कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय के लिए अपना संक्रिय आंदोलन आरंभ कर दिया और जब 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, तो भारत सरकार ने 26 जनवरी के ऐतहासिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए। इस दिन को गणतंत्र स्थापना के लिए चुना।

रंगारंग कार्यक्रम

इस पर्व को मनाने के लिये स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी बेहद उत्साहित रहते है और इसकी तैयारी एक महीने पहले से ही शुरु कर देते है।

इस दिन विद्यार्थियों को अकादमी में, खेल या शिक्षा के दूसरे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिये पुरस्कार, इनाम, तथा प्रमाण पत्र आदि से सम्मानित किया जाता है।

पारिवारिक लोग इस दिन अपने दोस्त, परिवार, और बच्चों के साथ सामाजिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होते है।

सभी सुबह 8 बजे से पहले राजपथ पर होने वाले कार्यक्रम को टी.वी पर देखने के लिये तैयार हो जाते है।

राष्ट्रीय पर्व – विविधता में एकता का संकेत

पूरे भारत में इस दिन सभी राज्यों की राजधानियों और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी इस उत्सव पर खास प्रबंध किया जाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा झंडारोहण और राष्ट्रगान के साथ होता है।

हर राज्य अपनी-अपनी विविधता लिए झांकी प्रस्तुत करता है। इसके बाद तीनों सेनाओं द्वारा परेड, पुरस्कार वितरण, मार्च पास्ट आदि क्रियाएँ होती है।

अंत में पूरा वातावरण “जन गण मन” से गूँज उठता है।

निष्कर्ष

गणतंत्र दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे देश का संविधान तथा इसका गणतांत्रिक स्वरुप ही हमारे देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक जोड़ने का कार्य करता है।

यह वह दिन है जब हमारा देश विश्व मानचित्र पे एक गणतांत्रिक देश के रुप में स्थापित हुआ। यही कारण है कि इस दिन को पूरे देश भर में इतने धूम-धाम तथा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

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