व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा, नियम और उदाहरण

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चलिए आज हम व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा और उदाहरण को पढ़ते और समझते हैं।

व्यक्तिवाचक संज्ञा की परिभाषा

किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान के नाम का बोध कराने वाले शब्द को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।

अर्थात व्यक्तिवाचक संज्ञा सभी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की संपूर्ण जाती में से खास का नाम बताती हैं।

जैसे :-

व्यक्ति :- महात्मा गाँधी, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, अभिताभ बच्चन, सरमान खान, कैटरिना कैप आदि।

वस्तु :- भगवत गीता, रामायण, कुरान, बाइबल, आदि।

स्थान :- दिल्ली, मुम्बई, लखनउ, बैंगलोर, आदि।

उदाहरण :-

  • सोहन फुटबॉल खेलता हैं।
  • विराट कोहली मैच के महान खिलाड़ी हैं।
  • प्रेमचंद एक उपन्यासकार हैं।
  • रोनाल्डो फुटबॉल के महान खिलाडी हैं।
  • महेंद्र सिंह धोनी इतिहास के सबसे अच्छे बल्लेबाज हैं।
  • सचिन तेंदुलकर को मास्टर ब्लास्टर के नाम से जाना जाता हैं।
  • अभिताभ बच्चन को कलाकार के नाम से जाना जाता हैं।
  • शाहरुख़ खान सबसे बेहतरीन अदाकार हैं।

ऊपर दिए गए वाक्यों में सोहन, विराट कोहली, प्रेमचंद रोनाल्डो, महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर और अभिताभ बच्चन व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं।

  • भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी हैं।
  • भारत में 22 भाषाएँ बोली जाती हैं।
  • मैंने आज एक अंग्रेजी की किताब खरीदी।
  • मुझे मराठी में बात करना बहुत पसंद है।
  • मैं अभी अंग्रेजी भाषा सीख रहा हूँ।
  • इंग्लिश दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग की जाने वाली भाषा हैं।
  • मैंने आज गणित का एक अध्याय पढ़ा।

ऊपर दिए गए वाक्यों में विशेष भाषाओं का बोध हो रहा हैं इसलिए यह वाक्य व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आएंगे।

  • महात्मा गाँधी को हम बापू के नाम से भी जानते हैं।
  • जवाहर लाल नेहरु को चाचा नेहरु बोलते हैं।
  • भीमराव आंबेडकर ने भारत का संविधान लिखा था।
  • इंदिरा गाँधी भारत की पहली महिला प्रधान मंत्री थी।
  • जवाहरलाल नेहरु देश के पहले प्रधानमंत्री थे।

ऊपर दिए गए वाक्यों में महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरू, भीमराव अम्बेडकर व इंदिरा गाँधी व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आएँगे क्योंकि ये किसी विशेष व्यक्ति का बोध करा रहे हैं।

  • मैं बेंगलुरु में रहता हूँ।
  • मुंबई एक स्मार्ट सिटी बन गया है।
  • दिल्ली दुनिया की सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला शहर है।
  • आगरा में ताजमहल है।
  • ताजमहल विश्व के सात अजूबों में से एक है।
  • दिल्ली में क़ुतुब मीनार है।

ऊपर दिए गए वाक्यों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, मुंबई आदि दुनिया के सारे महानगरों का बोध न कराकर कुछ विशेष महानगरों का बोध करा रहे हैं, इसलिए ये शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं।

  • कोहिनूर हीरा अभी लंदन में है।
  • प्रेमचंद ने गोदान नामक उपन्यास लिखा था।
  • गोदान उपन्यास 1936 लिखा गया था।
  • वेद-पुराण हिन्दू धर्म के सबसे उत्कृष्ट लेखों में से एक हैं।

ऊपर वाक्यों में कोहिनूर, गोदान सभी हीरो या उपन्यासों का बोध न कराकर विशेष हीरे व उपन्यास का बोध करा रहे हैं अतः ये व्यक्तिवाचक संज्ञा की श्रेणी में आते हैं।

व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदहारण :-

प्रसिद्ध व्यक्ति, वस्तु या स्थाननाम
स्त्री के नामराधा, सीता, पार्वती, द्रोपती, लक्ष्मी
पुरुषों के नामकृष्ण, शिव, गोविन्द, राम, विष्णु
देवी देवताओं के नामराधा, सीता, पार्वती, द्रोपती, लक्ष्मी, कृष्ण, शिव, गोविन्द, राम, विष्णु
देशों के नामभारत, पाकिस्तान, चीन, नेपाल आदि।
राज्यों के नाम मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरयाणा आदि।
खाड़ी एवं झीलों के नामबंगाल की खाड़ी, नक्की झील आदि।
महाद्वीप के नाम एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया।
एतिहासिक दरवाजे एवं खिड़कियों के नाम इंडिया गेट, अजमेरी गेट, सांगानेरी गेट, बीचली खिड़की आदि।
दुर्ग एवं किलो के नामरणथम्भौर दुर्ग, चित्तौड़ दुर्ग, चुरू का किला आदि।
भाषाओं के नामहिंदी, अंग्रेजी, मराठी, तमिल, उर्दू आदि।
उपाधि एवं पुरस्कारों के नामडॉक्टर सर, गार्गी, अर्जुन आदि।
सरकारी योजनाओं के नामजन धन योजना, आयुष्मान भारत योजना आदि।
खेलों के नामक्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल आदि।
जिले, तहसील, गाँव के नामभोपाल, इंदौर, जयपुर, गुरुग्राम आदि।
पठार एवं मैदानों के नामहाड़ौती का पठार, छप्पन का मैदान आदि।
दिशाओं के नामपूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आदि।
नदियों के नामगंगा, यमुना, चम्बल आदि।
पहाड़ों के नामअरावली, हिमालय आदि।
समाचार पत्रों के नामदैनिक भास्कर, पत्रिका आदि।
चौकों के नामचाँदनी चौक आदि।
त्योहारों के नामदीपावली, होली, रक्षाबंधन, दशहरा आदि।
ऐतिहासिक युद्धो के नामहल्दीघाटी का युद्ध, बक्सर का युद्ध आदि।

व्यक्तिवाचक संज्ञा के नियम

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा का प्रयोग एकवचन में किया जाता हैं जिसका बहुवचन न बनाया जा सके।

2. व्यक्तिवाचक संज्ञा का कोई शब्द जब अपने साथ अन्य नाम का बोध कराता है तो उस अन्य नाम में जातिवाचक संज्ञा होती है।

3. जातिवाचक संज्ञा का कोई शब्द जब किसी व्यक्ति विशेष के अर्थ में रूढ़ हो जाता है तो वहाँ व्यक्तिवाचक संज्ञा होती है।

4. व्यक्तिवाचक संज्ञा से भाववाचक संज्ञा का निर्माण नहीं किया जाता बल्कि वह विशेषण होता हैं।

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